भारतीय खगोल या ज्योतिष केवल ग्रह-नक्षत्रों का अध्ययन नहीं, बल्कि काल, गति, दिशा और सृष्टि की व्यवस्था को समझने की एक सूक्ष्म ज्ञानपरंपरा है। वेदाङ्ग ज्योतिष, सिद्धांत ग्रंथों, पंचांग पद्धति तथा आकाशीय निरीक्षणों के माध्यम से भारत में समय और ब्रह्मांड को देखने की एक विशिष्ट दृष्टि विकसित हुई। यह परंपरा केवल गणना तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन, ऋतु, यज्ञ, संस्कार और प्रकृति के साथ मानव के संबंध को भी स्पष्ट करती है। इस श्रेणी में भारतीय खगोल, ज्योतिष, तिथि-विज्ञान, पंचांग, नक्षत्र व्यवस्था तथा संबंधित विषयों पर आधारित पाठ्यक्रम, कार्यशालाएँ और ज्ञान सामग्री उपलब्ध होगी।

पाठ्यक्रम और ज्ञान पोटली I Courses and Knowledge Capsules

Tithi Darshika - A workshop for understanding time the Bhartiya Way

Description : This summer, step into a knowledge-seeking journey that reconnects us with how Bharat has traditionally understood and experienced time — not just as dates on a calendar, but as a living, observable, cosmic rhythm.

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