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वरदराज पेरूमाल कोविल मंदिर, काँचीपुरम, तमिलनाडु

वरदराज पेरूमाल कोविल दिव्य देशम में से एक है, जो विष्णु के वह 108 मंदिर हैं जहाँ 12 आलवार संतों ने तीर्थ करा था और विष्णु स्तुति गायी थीं। यह मंदिर कुछ 1100 वर्ष पुराना है। इसे प्रसिद्ध चोल राजा राज राजा प्रथम ने बनवाया था। बाद के समय में चोल राजाओं कुलोत्तुंग प्रथम और … Continue reading “वरदराज पेरूमाल कोविल मंदिर, काँचीपुरम, तमिलनाडु”

वर्षा ऋतु में आहार-विहार

जो व्यक्ति ऋतुओं के अनुसार आहार और व्यवहार में परिवर्तन के आदी होने के बारे में जानता है, ऐसी आदतों का समय पर अभ्यास करता है, उसका बल और ऊर्जा-आभा बढ़ जाती है, और वह एक स्वस्थ, लंबा जीवन जीता है।

‘रामात् नास्ति श्रेष्ठ:’ ‘शक्तिक्रीडा जगत सर्वम्’ – संस्कृत भाषा का आध्यात्मिक संबंध

कल की राम मंदिर की सुंदर घटना के समय जो लेख मैं लिख रही थी, वह वैसे तो अपने लिए था, “नोट्स टू सेल्फ” की तरह किंतु मंदिर के अनुभव के बाद लगा कि सबसे साझा करूं। क्योंकि जो उन अम्मा ने अंत में कहा, एक तरह से वही तो विश्लेषण के रूप में मैं लिख रही थी, जब वो आयी थीं।

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